4 नए पॉजिटिव केस सामने आए, जिसमें 2 चिकित्साकर्मी और 2 डॉक्टर से संक्रमित; 5392 संदिग्ध होम आइसोलेशन में

भीलवाड़ा. देश के काेराेनाजाेन भीलवाड़ा में बुधवार को 3 नए केस सामने आए। इसके साथ जोधपुर में भी एक केस सामने आया है। भीलवाड़ा के तीनों केस में से दो अस्पताल का स्टाफ बताया जा रहा है। वहीं एक व्यक्ति डॉक्टर के जरिए संक्रमण से ग्रसित हुआ। जो कुछ दिन पहले उसे दिखाने पहुंचा था। वहीं शाम को भीलवाड़ा में एक को मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई। बताया जा रहा है कि पीड़ित ने एक निजी अस्पताल में डायलिसिस करवाया था। जिसके बाद भीलवाड़ा का कुल आंकड़ा 17 पहुंच गया। जिसमें से सभी बांगड़ अस्पताल से जुड़े हैं। यहीं के डॉक्टर में सबसे पहला केस सामने आया था। जिसके बाद संक्रमण फैल गया।


इससे पहले मंगलवार तक भीलवाड़ा में 5392 संदिग्धाें काे हाेम आइसाेलेशन के लिए उनके हाथाें पर सील लगाकर घराें में कैद कर दिया गया है। इनकाे घराें से बाहर निकलने पर भी राेक लगा दी गई है। इनके घराें के बाहर नाेटिस लगाया गया है। नाेटिस पर लिखा गया है कि यह घर क्वारांटाइन घर है, इसलिए इस घर की विजिट न करें। इधर, इनसे कुछ ज्यादा सीरियस 144 लाेगाें काे शहर में चार जगह हाॅस्पिटल बनाकर भर्ती किया गया है। ये ऐसे लाेग हैं जाे हाेम हाेम आइसाेलेशन वाले मरीजाें से ज्यादा गंभीर है इसलिए इनकाे हाॅस्पिटल में भर्ती कर परिवार से अलग कर दिया गया है। इनसे किसी काे भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। इधर, भीलवाड़ा में लगातार छठे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने बताया कि कर्फ्यू में किसी प्रकार की ढील नहीं दी गई है। अग्रिम आदेश तक कर्फ्यू जारी रहेगा।


खाने के पैकेट बांटे गए


भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट और एसपी हरेंद्र महावर मे कच्ची बस्तियों तक खाने का सामान बांटा। इस दौरान राजेंद्र भट्ट ने कहा कि जितनी भी कच्ची बस्तियां हैं। उनके लिए यूआईटी में माल रखा जा रहा है। जिन्हे पिकअप के जरिेए कच्ची बस्तियों में माल जाएगा। करीब ढाई हजार लोगों तक समान पहुंचेंगे। इसके साथ कई और सामान भी मगाकर बांटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि आटा, दाल, मिर्ची, तेल उप्लब्ध कराए जा रहे हैं। इससे पहले आज सुबह भी खाने के पैकेट बस्तियों में बांटे गए। भीलवाड़ा में 16 पॉजिटिव मिले हैं। इसलिए खुद के घरों में रहें।


शहर का कोरोना नक्शा तैयार किया गया


जिला प्रशासन ने काेराेना से जंग लड़ने के लिए भीलवाड़ा शहर की किस काॅलाेनी में काैन और कितने राेगी पाॅजिटिव और काैन-काैन संदिग्ध हैं इसकाे समझने के लिए हर काॅलाेनी के अनुसार दाे नक्शे तैयार करवाए हैं। इनमें एक नक्शे में काॅलाेनी के अनुसार संदिग्ध राेगियाें की जानकारी और दूसरे नक्शे में पाॅजीटिव राेगियाें की जानकारी दी गई है। जिन काॅलाेनियाें में संदिग्ध राेगी हैं वहां पर लाल निशान लगाए गए हैं। इनके अनुसार रेलवे पटरी से पुर राेड के साइड वाले एरिया में लाल निशान कम हैं जबकि रेलवे पटरी से मुख्य बाजार की ओर लाल ही लाल निशान नजर आ रहे हैं।


भीलवाड़ा में सबसे ज्यादा संदिग्ध शास्त्री नगर और सुभाष नगर में हैं इसलिए सबसे ज्यादा नक्शे पर निशान दाेनाें काॅलाेनियाें में लगे हुए हैं। जगह-जगह इतने लाल निशान लगे हुए हैं कि पूरा नक्शा ही लाल हाे गया। दूसरे नक्शे में लाल क्राॅस बनाकर पाॅजिटिव राेगी और कर्फ्यू वाले एरिया के बारे में समझाया है। ताकि एक जगह ही बैठे-बैठे पाॅजिटिव राेगियाें की काॅलाेनी और उनकी गलियाें के बारे में जानकारी मिल जाए और इमरजेंसी हाेने पर तत्काल उनके घराें तक बिना किसी रुकावट के पहुंचा जाए।


चिकित्सा मंत्री बोले- भीलवाड़ा में विभाग के पुख्ता इंतजामात
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि गत 19 मार्च को भीलवाड़ा के एक निजी अस्पताल में कुछ संक्रमित लोगों की सूचना मिलते ही हमने उदयपुर से रेपिड रेस्पॉन्स टीम (आरआरटी), 307 चिकित्सा कर्मियों का दल भेजा। विभाग के निदेशक स्वास्थ्य, अतिरक्त निदेशक व वरिष्ठ अधिकारियों ने वहां की चिकित्सा व्यवस्था बखूबी संभाली। भारत सरकार के प्रतिनिधि एनसीडीसी के प्रतिनिधि भी वहां गए। पूरे जिले में सरकार के द्वारा कर्फ्यू लगा दिया गया। दूसरे जिलों से लगने वाली सीमाओं को सील कर दिया गया है। जिले में आने या जाने वाले सभी व्यक्तियों की सघन स्क्रिनिंग की जा रही है।


3 लाख से ज्यादा लोगों की की जा चुकी है स्क्रिनिंग
चिकित्सा विभाग की टीमों ने भीलवाड़ा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 18 से 24 मार्च तक करीब 70 हजार परिवारों का सर्वे किया और 3 लाख 50 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग भी की है। जो 13 केस पॉजीटिव आए हैं, उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। कुछ को क्वारेंटाइन की सुविधा विकसित कर रखा गया है तो कुछ को होम आइसोलेशन के लिए कहा गया है।


किसी भी चिकित्सकीय सामग्री की नहीं है कमी
डॉ. शर्मा ने बताया कि भीलवाड़ा जिले और शहर में हालात पूरी तरह नियंत्रण में है। चिकित्सा विभाग ने पूरे इंतजाम वहां किए हैं। भीलवाड़ा में वेंटिलेटर, पीपीई किट, एन-95 मास्क, थ्री लेयर मास्क, हैंड सेनेटाइजर सहित किसी भी सामग्री की कोई कमी नहीं है। हम प्रतिदिन वहां का फीडबैक ले रहे हैं।


बाहरी व्यक्ति के आने-जाने की सूचना के लिए बनाए कंट्रोल रूम
गांव के सरपंच, पटवारी, पूर्व सरपंच और मीडिया के साथियों को यह हिदायत दी है कि जो भी कोई व्यक्ति किसी अन्य जिले या विदेश से जिले में आता है, उसकी सूचना बिना देरी के कंट्रोल रूम को दे। कंट्रोल रूम उस सूचना को चिकित्सा विभाग को प्रेषित करेगा और तत्काल हमारी टीम वहां पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि कम्यूनिटी स्प्रेड के खतरे को विभाग ने काफी हद तक कवर किया है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी चिकित्साकर्मियों या अधिकारियों का दल वहां भेजना पड़ा तो सरकार कोई कदम उठाने से पीछे नहीं रहेगी।